दिल्ल-एनसीआर में इन दिनों लोग भयंकर गर्मी से परेशान हैं। रविवार को दिल्ली में पिछले दो वर्षों में रविवार को सबसे गर्म सुबह दर्ज की गई है। यहां न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस रहा जो औसत से 3.2 डिग्री अधिक है जबकि अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस भीषण गर्मी पड़ने के पीछे का कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन में देरी की वजह बताई है। दिल्ली में इससे पहले अधिक न्यूनतम तापमान आखिरी बार 14 जून, 2024 को दर्ज किया गया था, जब यह 33.3 डिग्री सेल्सियस था।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में लू की स्थिति बनी रही और शाम साढ़े पांच बजे लगभग 50.7° डिग्री सेल्सियस तापमान 'जितनी तेज गर्मी महसूस हो रही थी'। आईएमडी के मुताबिक शहर के आधार स्टेशन सफदरजंग में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य मौसम केंद्रों पर भी अधिकतम तापमान काफी अधिक दर्ज किया गया, जिनमें पालम में 42 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड पर 42.1 डिग्री सेल्सियस, रिज में 42.6 डिग्री सेल्सियस और आयानगर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सफदरजंग और अन्य वेधशालाओं का तापमान
शहर की सभी पांच आईएमडी वेधशालाओं में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा। सफदरजंग, जो आधार स्टेशन है, में न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद पालम में 30 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड पर 30.2 डिग्री सेल्सियस, रिज में 28.7 डिग्री सेल्सियस और आयानगर में 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी 'स्काईमेट' ने कहा कि मानसून के आगमन में देरी और शुष्क और नम हवाओं के प्रभाव के कारण तापमान और आर्द्रता दोनों असामान्य रूप से अधिक बने हुए हैं।
स्काईमेट के उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन) महेश पलावत ने कहा, 'आमतौर पर मानसून दिल्ली में 27-28 जून के आसपास पहुंचता है, जिसके बाद तापमान में कमी आने लगती है और आर्द्रता बढ़ जाती है। हालांकि इस वर्ष मानसून लगभग एक सप्ताह की देरी से आने का अनुमान है। पाकिस्तान से आने वाली शुष्क पश्चिमी हवाएं तापमान को अधिक बनाए हुए हैं, जबकि अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं भी दिल्ली तक पहुंचकर आर्द्रता का स्तर बढ़ा रही हैं।'
पलावत ने बताया कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो मानसून के 30 जून या एक जुलाई तक पूर्वी उत्तर प्रदेश पहुंचने, दो या तीन जुलाई के आसपास उत्तराखंड पहुंचने और लगभग चार जुलाई तक दिल्ली में आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, 'हम अगले कुछ दिनों में एक छोटे चक्रवाती परिसंचरण के विकसित होने की भी उम्मीद कर रहे हैं, जिससे कहीं-कहीं बारिश के अलग-अलग दौर शुरू हो सकते हैं।' शाम साढ़े पांच बजे सापेक्ष आर्द्रता 44 प्रतिशत दर्ज की गई।
दिल्ली में कब होगा मानसून का आगमन?
मौसम विभाग ने सोमवार को गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है और अधिकतम 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में मंगलवार-बुधवार को गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। आईएमडी के एक अधिकारी के अनुसार, आने वाले दिनों में बहुत हल्की से हल्की बारिश का अनुमान है, जबकि मंगलवार और बुधवार को मौसम की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।' इसी को देखते हुए विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली में 'मध्यम' श्रेणी में पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक
समीर ऐप के अनुसार, सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 162 दर्ज किया गया जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के मानकों के मुताबिक, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 से 100 को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच एक्यूआई को 'गंभीर' माना जाता है।
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